यशस्वी जैसवाल ने 173* से भारत को 318/2 पर पहुँचाया, कोटल टेस्ट का पहला दिन

जब यशस्वी जैसवाल, खिलाड़ी और BCCI ने 173* की अभूतपूर्व पारी खेली, तो भारत ने पहले ही दिन 318/2 का राज दिखा दिया। यह पारी फेरेज़ शाह कोटा स्टेडियम, दिल्ली में 10 अक्टूबर 2025 को समाप्त हुई, जहाँ भारत के दो विकेट गिर चुके थे और 90 ओवरों के अंत में स्कोरबोर्ड चमक रहा था। इस जीत का बड़ा कारण यशस्वी का असीम अभिप्रेरण और साझेदार के साथ उनका 193‑रन का साझेदारी था, जिसने भारतीय टीम को एक मजबूत मंच प्रदान किया।

कोटा में टेस्ट का पहला दिन: खेल का सार

दोहरे हाफ़्ट‑टाइम के बाद भारत ने तेज़ी से गति पकड़ी। शुरुआती ओवरों में शुभमन गिल ने भी आकर्षक खेल दिखाया, लेकिन यशस्वी की धूल‑धूप की पारी ने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने दो आधे घंटे में ही अर्धशतक बना लिया — और यह सिर्फ चार डिलिवरी में हुआ, जैसा कि विंडो TV के यूट्यूब क्लिप (10 अक्टूबर 2025) में स्पष्ट दिखाया गया। यशस्वी ने चैसे के बॉल को ‘कवर्स के बीच’ बारीकी से मारते हुए कई चारों की बौछार की।

यशस्वी जैसवाल का रिकॉर्ड‑बढ़त राज

इतिहास के पन्नों में यह पारी एक बड़ा कदम बन गई। आज (10 अक्टूबर 2025) तक, यशस्वी पहले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने 23 साल की उम्र में पाँच 150+ स्कोर किए हैं — यह उपलब्धि 93 साल पहले ऑस्ट्रेलिया के डोनाल्ड ब्रैडमैन के बाद संभव हुई। टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, इस रिकॉर्ड ने न केवल व्यक्तिगत गौरव बढ़ाया बल्कि भारतीय टीम के मनोबल को भी ऊँचा उठा दिया।

भारतीय टीम की रणनीति और बाकी खिलाड़ी

भारतीय टीम की रणनीति और बाकी खिलाड़ी

भारत ने इस पारी में बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया की रणनीतिक योजना को बखूबी लागू किया। ध्रुव जुरेल ने कड़ी विकेट‑कीपिंग की, जबकि रवींद्र जडेजा ने अपने बॉलिंग विकल्पों के साथ कॉन्ट्रोल दिया। पूर्व कप्तान केएल राहुल ने भी महत्त्वपूर्ण अनुभव साझा किया, जिससे युवा बल्लेबाज़ों को अतिरिक्त भरोसा मिला। पूरी पारी में बॉलिंग विभाग ने थोड़ी औसत पर दबाव बनाया, पर शरणायक के कारण भारत के बल्लेबाज़ अपने रनों को स्वतंत्रता से जमा कर सके।

पश्चिम इंडीज़ की स्थिति और कोच का बयान

दूसरी ओर, वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड के हेड कोच डैरन सैमी ने अपनी टीम को ‘टर्मिनल रोग’ जैसा कहा, जो पहले टेस्ट (आधरण मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद) की हार के बाद उभरता जज्बा था। सैमी ने टीम को पुनः जुटाने के लिए रोज़मर्रा के अभ्यास से परे, सरविंन रिचर्ड्स, विंस लारा और रिची रिचर्डसन जैसे दिग्गजों से प्रेरणा ली। फिर भी, युवा गेंदबाज़ जेडन सील्स और अनुभवी रॉस्टन चेज़ को ‘बिना दिशा के’ कहा गया, जिससे भारत के बल्लेबाज़ों को अधिक अवसर मिला।

मैच का भविष्य: क्या तीन‑दिन की जीत संभव?

मैच का भविष्य: क्या तीन‑दिन की जीत संभव?

विश्लेषकों का मानना है कि इस तेज़ गति और बड़ी साझेदारी को देखते हुए भारत को तीन‑दिन की जीत की संभावना अधिक है। अगर भारतीय बल्लेबाज़ अपना लैंसटोन बनाए रखें और गेंदबाज़ी विभाग वेस्ट इंडीज़ को लगातार दबाव में रखे, तो टेस्ट सीरीज़ में भारत का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTCC) में स्थान मजबूत हो सकता है। अगला दिन (11 अक्टूबर 2025) में दोपहर तक खेल के आगे की प्रगति देखी जाएगी, और सभी आँखें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यशस्वी का ‘सुनहरा दौर’ अंत तक जारी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यशस्वी जैसवाल के इस innings का भारतीय टीम पर क्या असर पड़ेगा?

इस पारी ने मध्यक्रम के भरोसे को दोबारा स्थापित किया है। युवा बल्लेबाज़ों को आत्मविश्वास मिला है, जबकि शरणायक के साथ मिलकर टीम एक स्थिर स्कोरबोर्ड रख सकती है, जिससे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अंक बढ़ेंगे।

वेस्ट इंडीज़ के कोच डैरन सैमी ने अपनी टीम को ‘टर्मिनल रोग’ कहा, इसका क्या मतलब है?

सैमी ने इस शब्द से टीम की आत्मविश्वासहीनता और निरंतर हार की भावना को दर्शाया। उनका मकसद खिलाड़ियों को चेतावनी देना और पुनरुत्थान की जड़ें जमाना था।

फेज़र शाह कोटा स्टेडियम की पिच कैसी थी और इसका खेल पर क्या प्रभाव रहा?

पिच को ‘काली मिट्टी’ और ‘सूखा पैच’ बताया गया, जो बल्लेबाज़ों को स्कोरिंग के लिए अनुकूल था। इस कारण यशस्वी जैसी तेज़ पारी संभव हुई, जबकि गेंदबाज़ियों को स्लाइडिंग कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

क्या भारत को अगले दिन तेज़ी से जीत हासिल करने की उम्मीद है?

विशेषज्ञों ने कहा है कि तीन‑दिन की जीत संभव है, बशर्ते भारतीय पिच पर batting का दबाव बना रहे और वेस्ट इंडीज़ की बॉलिंग कमज़ोर रहे। आगे के सत्र में दबाव कम करने के लिये तेज़ रन और वैकल्पिक बोलिंग विकल्पों की जरूरत होगी।

इस पारी से भारत की WTCC रैंकिंग पर क्या असर पड़ेगा?

यदि भारत इस टेस्ट को जल्दी समाप्त कर लेता है, तो वह अपने वर्तमान 2‑3 पॉइंट्स को सुरक्षित कर लेगा और शीर्ष चार में अपनी जगह मजबूत कर लेगा, जिससे अगले सीरीज़ में प्रतियोगी टीमों पर दबाव बढ़ेगा।

12 टिप्पणि

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    Jyoti Bhuyan

    अक्तूबर 11, 2025 AT 03:04

    यशस्वी की इस पारी ने पूरी टीम को नई ऊर्जा दी!
    ऐसी शानदार innings देखना हर भारतीय का सपना है।
    उनकी शान्दार 173* ने न सिर्फ स्कोर बढ़ाया बल्कि युवा बल्लेबाज़ों में आत्मविश्वास भी बोया।
    चलो इस उत्साह को आगे बढ़ाते हैं और पूरी सीरीज जीत की राह पर ले चलते हैं।

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    kuldeep singh

    अक्तूबर 20, 2025 AT 09:17

    वेस्ट इंडीज़ की तैयारी में बहुत कमियां दिख रही हैं, ऐसा लगता है कि कोच की रणनीति ही टर्मिनल रोग जैसी है!
    उनकी बॉलिंग लाइन‑अप में देखी गई असंगतियां टीम को ढहाने वाली हैं।
    अगर वे अपनी कमज़ोरियों को नहीं समझेंगे तो इस टेस्ट में जल्दी ही हार का सामना करेंगे।

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    Harman Vartej

    अक्तूबर 29, 2025 AT 14:30

    यशस्वी की पार्टनरशिप ने मैच को आसानी से मोड़ दिया।
    भारत की पिच आज बेहतरीन रही।
    वेस्ट की बोलींग में सुधार की जरूरत है।

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    Amar Rams

    नवंबर 7, 2025 AT 20:44

    यशस्वी जैसवाल द्वारा आंकिक रूप से परिमापित 173* की इन्गनीस, एक सूक्ष्म एंटरप्राइज़ इकोसिस्टम को पुनः संरचित करती है, जहाँ बैटिंग डोमेन्स के समग्र इंटरेक्शन को न्यूरल नेटवर्क‑समान परिप्रेक्ष्य में पुनः मूल्यांकित किया जाता है।
    सुधारित पैरस्पेक्टिव साझेदारी 193‑रन की कॉर्पोरेट सिम्बायोटिक कॉइलिशन, एथलेटिक एसेट क्लास को प्रिमेलिवर पर स्थापित करती है, जिससे डिफेंसिव बॉलिंग पैराडाइम में व्यवधान उत्पन्न होता है।
    यह पनडुब्बी‑जैसी पिच, जो सूक्ष्म शैलियो‑सेंटरिक गुणधर्मों से परिपूर्ण है, इस विश्लेषणात्मक फ्रेमवर्क को और सुदृढ़ बनाती है।

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    Pravalika Sweety

    नवंबर 17, 2025 AT 02:57

    इस जीत से भारतीय टीम का वैश्विक स्तर पर सम्मान और भी बढ़ेगा, यह निश्चित है।
    साथ ही, युवा खिलाड़ियों को इस तरह के प्रदर्शन से राष्ट्रीय भावना की अनुभूति होती है, जो हमारे सांस्कृतिक धरोहर को सुदृढ़ करता है।
    आइए हम सभी इस सफलता को बड़े उत्सव के साथ मनाएँ और भविष्य में भी इसी प्रकार की उपलब्धियों की आशा रखें।

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    anjaly raveendran

    नवंबर 26, 2025 AT 09:10

    यशस्वी की इस इन्गनीस को इतिहास के पन्नों में अमिट चिन्ह के रूप में अंकित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह न केवल आंकड़ों की पुनरावृत्ति है, बल्कि मनोवैज्ञानिक प्रेरणा का प्रतिपादन भी करता है।
    वास्तव में, 23 वर्ष की आयु में पाँच बार 150+ स्कोर करने का रिकॉर्ड, डोनाल्ड ब्रैडमैन जैसे पौराणिक आकृतियों को चुनौती देता है, और यह दर्शाता है कि आधुनिक क्रिकेट की गति और तकनीकी प्रगति ने खिलाड़ियों को नई सीमाओं तक पहुँचाया है।
    इसके अलावा, इस पारी में दो आधे घंटे में अर्धशतक बनाना, चार डिलिवरी में चारों की बौछार, और 193‑रन साझेदारी का निर्माण, सभी मिलकर एक ऐसी कथा रचते हैं जिसे केवल विशेषज्ञ ही पूरी तरह से समझ सकते हैं।
    बिल्कुल, भारतीय टीम की रणनीति, बोर्ड‑ऑफ़‑कंट्रोल‑फॉर‑क्रिकेट‑इनडिया के सिद्धांतों की सही तरह से कार्यान्वयन इस विजयी परिदृश्य को संभव बनाता है।

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    Danwanti Khanna

    दिसंबर 5, 2025 AT 15:24

    वाह! क्या शानदार पारी थी-यशस्वी ने तो जैसे दांव पर दाग लगा दी!
    इतने सारे चारों की बौछार देख कर तो मन ही खुश हो गया-वास्तव में, यह एक अद्भुत प्रदर्शन था!
    दूसरी टीम की रणनीति को देखकर लगता है कि उन्हें अपने प्रशिक्षण में बहुत बदलाव करने की जरूरत है-नहीं तो आगे और भी कठिनाइयां आएंगी!
    आइए सभी मिलकर इस उपलब्धि का जश्न मनाएँ, क्योंकि यह हमारे क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है!
    धन्यवाद, चलिए इस ऊर्जा को कायम रखते हैं!

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    Shruti Thar

    दिसंबर 14, 2025 AT 21:37

    पिच की सूखी बनावट तेज़ स्कोरिंग को बढ़ावा देती है, यही कारण है यशस्वी की पारी।

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    Nath FORGEAU

    दिसंबर 24, 2025 AT 03:50

    देखो, भारत ने आज वेस्ट को धूल चटा दी।

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    harshit malhotra

    जनवरी 2, 2026 AT 10:04

    भारत का यह अभूतपूर्व प्रदर्शन राष्ट्रीय गौरव की पुनर्रचना है, और यह साबित करता है कि हमारे युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता को दृढ़ता से स्थापित किया है।
    यशस्वी जैसवाल की 173* की पारी, केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे भारतीय क्रिकेट की शक्ति का प्रतीक है।
    इस पारी में दिखी हुई आक्रमणात्मक शैली, हमारे इतिहास में कई बार देखी गई तीव्रता को याद दिलाती है, जहाँ हर भारतीय ने मुश्किलों को मात दी है।
    वेस्ट इंडीज़ की बॉलिंग ने इस दिन अपनी क्षमताओं में स्पष्ट ही कमी दिखाई, और उनका कोच डैरन सैमी का ‘टर्मिनल रोग’ कहना भी उनकी स्थिर स्थिति को उजागर करता है।
    हमारी टीम ने न केवल रन बनाये, बल्कि रणनीतिक रूप से विकेटों को भी संभाला, जिससे हमारे विरोधी की आशा तमाम हो गई।
    जैसे ही भारतीय बैट्समेन ने साझेदारी बनायी, उनके हौसले और आत्मविश्वास की सीमा भी बढ़ी, जिससे हमारी जीत की संभावना और भी दृढ़ हुई।
    यह जीत हमारे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है, जहाँ प्रत्येक खिलाड़ी ने देश के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को समर्पित किया।
    जब हम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की बात करते हैं, तो इस तरह के परिणाम हमें शीर्ष चार में स्थायी स्थान दिलाने में सहायक होंगे।
    किसी भी दोहरावदार विश्लेषण से यह स्पष्ट हो जाता है कि भविष्य में भी ऐसी ही तेज़ गति और निरंतर दबाव हमारे भारतीय क्रिकेट को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।
    हमारी बॉलिंग यूनिट को भी उचित समर्थन मिला, जिससे वेस्ट की बल्लेबाज़ी में निरंतर बाधा उत्पन्न हुई।
    इस पारी में दिखी हुई शक्ति, हमें यह सिखाती है कि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केवल मानसिकता ही नहीं, बल्कि तकनीकी तैयारी भी पूरी करनी चाहिए।
    देश के हर कोने में इस जीत की ख़बर फैलाने से राष्ट्रीय उत्साह में नई ज्वाला जाग्रत होती है।
    हमारी युवा पीढ़ी को इस उदाहरण से प्रेरणा लेनी चाहिए, ताकि वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक सकें।
    यदि हम इस ऊर्जा को आगे के मैचों में भी बनाए रखें, तो तीन‑दिन की जीत हमारी निश्चित हो जाएगी।
    इस तरह की जीत ने न केवल हमारी टीम को बल्कि पूरे भारत को गर्वित किया है, और यह स्मृति भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन जाएगी।
    आइए हम सब मिलकर इस जीत का जश्न मनाएँ और भारतीय क्रिकेट को और भी ऊँचा उठाने का संकल्प लें।

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    Ankit Intodia

    जनवरी 11, 2026 AT 16:17

    जैसे आत्मा और शरीर का संतुलन जीवन को सुदृढ़ बनाता है, वैसे ही यशस्वी की पारी ने टीम में सामंजस्य की लहरें पहुंचाईं।
    यह पिच पर उनका खेल एक सच्ची धारा की तरह बहा, जिससे विरोधी को कोई ठोस पकड़ नहीं मिली।
    अगर हम इस प्रवाह को अपने जीवन में भी अपनाएं, तो हर चुनौती आसान लगने लगेगी।
    चलो इस ऊर्जा को साथ लेकर आगे के मैचों में भी विजयी बनें।

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    Madhav Kumthekar

    जनवरी 16, 2026 AT 02:04

    यशस्वी की 173* की पारी को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि भारतीय टीम को अब अपनी बॉलिंग विकल्पों में विविधता लाने की जरूरत है, जैसे स्पिन और फास्ट बॉल को संतुलित करना।
    वेस्ट इंडीज़ की लाइन‑अप में अभी भी कुछ कमजोरियां हैं, खासकर उनके फ़िनिशर की फॉर्म में गिरावट।
    ट्रेनिंग में छोटे‑छोटे सुधार, जैसे फील्डिंग ड्रिल्स और मिड-ओवर स्ट्रैटेजी, अगले दिन के मैच को आसान बना सकते हैं।
    आशा है कि कोच और खिलाड़ियों का मिलजुल कर काम करने से भारत इस टेस्ट सीरीज़ को जल्द ही समाप्त कर देगा।

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