सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में हार्दिक पांड्या की धमाकेदार पारी से बड़ौदा ने तमिलनाडु को 3 विकेट से हराया

हार्दिक पांड्या की बेमिसाल पारी ने बदला खेल का रुख

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के एक रोमांचक मुकाबले में, हार्दिक पांड्या ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से बड़ौदा को तमिलनाडु के खिलाफ 3 विकेट से जीत दिलाई। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पांड्या ने मात्र 30 गेंदों में 69 रन बनाकर अपनी टीम को विजय दिलाई। उनकी धमाकेदार पारी में 4 चौके और 7 छक्के शामिल थे, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनका यह प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में उनकी बेहतरीन फॉर्म को दर्शाता है।

तमिलनाडु की मजबूत शुरुआत

मैच की शुरुआत में तमिलनाडु ने पहले बैटिंग करते हुए 221 रन बनाकर बड़ौदा के सामने विशाल लक्ष्य रखा। नारायण जगदीशन और विजय शंकर की पारियों ने टीम के स्कोर को मजबूत किया। जहां जगदीशन ने शानदार अर्धशतक बनाया, वहीं विजय शंकर ने 42 रन की तेज पारी खेली। इस स्कोर के आधार पर, बड़ौदा के लिए मैच जीतना आसान नहीं था। परंतु हार्दिक पांड्या का इरादा कुछ और ही था।

गुरजापनीत सिंह के खिलाफ पांड्या की ताकत

गुरजापनीत सिंह के खिलाफ पांड्या की ताकत

खास बात यह रही कि पांड्या ने 17वें ओवर में गुरजापनीत सिंह के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 रन बनाए। इस ओवर में उन्होंने 4 लगातार छक्के और एक चौका मारा, जिसने मैच का रुख ही पलट दिया। गिरने के बाद जैसे ही पांड्या ने मैदान संभाला, बड़ौदा की जीत की उम्मीदें फिर से जाग उठीं।

क्रिकेट के मैदान पर बनी सूझबूझ

आखिरी ओवर में बड़ौदा को 9 रन की जरूरत थी, और दूसरी ही गेंद पर हार्दिक पांड्या आउट हो गए, लेकिन राज लिम्बानी और अतित शेठ ने अपने संयम से खेलकर टीम को अंतिम गेंद पर जीत दिलाई। दोनों ने दिखाया कि जब स्थिति कठिन हो, तब मानसिक ताकत का क्या महत्व होता है।

हार्दिक की फॉर्म पर नजरें

हार्दिक की फॉर्म पर नजरें

पांड्या की इस धमाकेदार पारी ने साबित कर दिया कि वे बड़ौदा के लिए कितने अहम खिलाड़ी हैं। उनकी फॉर्म वन-डे और ट्वेन्टी-ट्वेन्टी क्रिकेट में लगातार बेहतर होती जा रही है। यह उनकी क्षमता का एक और शानदार प्रदर्शन है, जिसे क्रिकेट के जानकार और फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे।

यह मैच क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक यादगार घटना बनी रहेगी, जिसने उच्च स्तर के खेल और उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया। हार्दिक पांड्या ने न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि साबित किया कि सही समय पर दिया गया प्रदर्शन कैसे टीम के जीत की वजह बन सकता है।

7 टिप्पणि

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    Indra Mi'Raj

    नवंबर 30, 2024 AT 11:36
    इस तरह की पारी देखने के बाद लगता है कि हार्दिक सिर्फ बल्लेबाज नहीं, एक फिलॉसफर है जो दबाव में भी शांत रहता है। गेंद के साथ उसका रिश्ता बस अलग है।
    कोई भी बोले तो उसकी फॉर्म टीम के लिए बरकत है।
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    Harsh Malpani

    नवंबर 30, 2024 AT 18:30
    bhaiya yeh toh bas khel hi nahi tha kuch aur tha..
    30 balls mein 69 runs?? yeh toh rocket science hai..
    maine kabhi aisa kuch nahi dekha
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    INDRA SOCIAL TECH

    दिसंबर 2, 2024 AT 09:08
    मैच का असली मोड़ तो वो 17वां ओवर था जब हार्दिक ने गुरजापनीत के खिलाफ चार छक्के मारे। उस ओवर के बाद से मैच का निर्णय हो चुका था।
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    Prabhat Tiwari

    दिसंबर 3, 2024 AT 16:03
    ये सब बहुत अच्छा लगा पर अगर आप देखें तो ये सब टीम इंडिया के लिए बहुत ज्यादा नहीं है।
    क्योंकि इस तरह के खिलाड़ी तो हमेशा घर पर रहते हैं और अंतरराष्ट्रीय मैचों में नहीं आते।
    ये सब बस राज्य स्तरीय नाटक है।
    क्या हमारे टीम इंडिया के लिए इतना बड़ा बल्लेबाज नहीं है जो असली दबाव में खेल सके?
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    Palak Agarwal

    दिसंबर 4, 2024 AT 18:14
    अतित और राज ने जो किया वो बहुत बड़ा था।
    अंतिम गेंद पर जीतना तो दिल दहला देने वाला होता है।
    क्या आपने देखा उनकी आंखों में चमक? वो बस खेल नहीं था, वो इंसानियत थी।
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    Paras Chauhan

    दिसंबर 6, 2024 AT 17:18
    हार्दिक की ये पारी एक नए युग की शुरुआत है।
    वो सिर्फ रन बना रहा था, बल्कि एक नए नमूने को जन्म दे रहा था - जहां तेजी, सहनशीलता और बुद्धि एक साथ आती हैं।
    मैं इसे अपने बच्चों को दिखाऊंगा।
    ये नहीं कि आप बल्ला घुमाते हैं, बल्कि आप उसे कैसे समझते हैं।
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    Jinit Parekh

    दिसंबर 7, 2024 AT 18:56
    हार्दिक पांड्या के बिना बड़ौदा की ये जीत असंभव थी। ये खिलाड़ी भारत का असली भविष्य है। कोई भी जो इसे नकारे, वो अंधा है।

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