रामपुर में सदमे की लहर: पूर्व सांसद बेगम नूरबानो के दामाद का निधन

रामपुर के राजनीतिक घराने में शोक

रामपुर के प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार में शोक की लहर फैल गई है। पूर्व सांसद बेगम नूरबानो के दामाद साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां का कैंसर से निधन हो जाने की खबर ने सभी को हिला दिया है। इस हादसे की सूचना सबसे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हुई। रामपुर की राजनीति में हमेशा से अहम भूमिका निभाने वाले इस परिवार के लिए यह एक बड़ी क्षति है।

बेगम नूरबानो, जो रामपुर राजवंश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं, का परिवार हमेशा से चर्चा में रहा है। हालांकि, साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन उनका संबंध किसी भी तरह से परिवार की प्रतिष्ठा को दर्शाता है। कैंसर के खतरनाक चंगुल में आकर उनकी मृत्यु ने सभी को दुखी कर दिया है।

खबर की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

हालांकि सोशल मीडिया पर इस दुखद घटना की जानकारी साझा की गई है, अभी तक किसी आधिकारिक स्रोत से इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है। इस अप्रिय घटना की जानकारी पाकर रामपुर और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। लोग अपने प्रियजनों के लिए इस परिवार को सांत्वना देने का प्रयास कर रहे हैं।

ऐसी परिस्थितियों में, परिवार के प्रति सहानुभूति और संवेदना प्रकट करते हुए रामपुर के लोग भी शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। इस बीच, सभी को यह उम्मीद है कि जल्द ही इस खबर की पुष्टि के साथ ही कुछ और जानकारी सामने आएगी।

7 टिप्पणि

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    Indra Mi'Raj

    अप्रैल 14, 2025 AT 00:43
    ये तो बहुत दर्दनाक है... एक परिवार का इतना बड़ा टुकड़ा चला गया। इरफान खां जैसे लोग जो शांति से रहते हैं, उनकी जान जाना हम सबके लिए एक खोटा बच्चा खोने जैसा होता है। बेगम नूरबानो को अभी भी याद है जब वो सड़कों पर लोगों के साथ बैठकर बात करती थीं। अब उनका दामाद भी चला गया। दुनिया बहुत कठोर हो गई है।
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    Harsh Malpani

    अप्रैल 14, 2025 AT 03:19
    yaar ye kya baat hai... ek din mein sab kuch badal jata hai. maine toh sirf ek post dekha tha unka, usmein ek smile thi. ab soch raha hu ki kaise ho gaya ye sab? bhai, yeh cancer toh abhi bhi kisi ke liye bhi ek jungle hai.
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    INDRA SOCIAL TECH

    अप्रैल 14, 2025 AT 23:29
    इस तरह के नुकसान को राजनीति में बदलना आसान है लेकिन उसकी वास्तविकता को समझना बहुत मुश्किल है। एक व्यक्ति की मृत्यु एक परिवार के लिए अंत हो सकती है, लेकिन इतिहास उसे बस एक नाम बना देता है।
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    Prabhat Tiwari

    अप्रैल 16, 2025 AT 02:21
    ये सब बाहरी शक्तियों का षड्यंत्र है। रामपुर के राजवंश को धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश हो रही है। कैंसर? नहीं भाई, ये दवाओं का षड्यंत्र है। अमेरिका और भारत के बीच ड्रग्स का खेल चल रहा है। इरफान खां को उन्होंने निशाना बनाया। अब बेगम नूरबानो का अगला नंबर आएगा। तुम लोग अभी भी इसे आम बीमारी समझ रहे हो?
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    Palak Agarwal

    अप्रैल 16, 2025 AT 09:32
    क्या कोई जानता है कि इरफान खां कहाँ इलाज करवा रहे थे? क्या कोई अस्पताल में कोई जानकारी डाल सकता है? बस एक छोटी सी जानकारी भी दे दो। इस तरह के लोगों के लिए ज्यादा से ज्यादा जानकारी मदद कर सकती है।
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    Paras Chauhan

    अप्रैल 18, 2025 AT 06:11
    इतना दर्द देखकर लगता है कि जीवन का कोई अर्थ नहीं है... लेकिन फिर भी जब तक हम एक-दूसरे को याद रखेंगे, तब तक वो जिंदा रहेंगे। इरफान खां की शांति और उनके परिवार के लिए धैर्य। 🕊️
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    Jinit Parekh

    अप्रैल 18, 2025 AT 06:45
    ये सब बेकार की बातें हैं। राजनीतिक परिवारों की मृत्यु का क्या अर्थ? हमारे देश के लाखों लोग गरीबी और बीमारी से लड़ रहे हैं और तुम लोग एक राजवंश के दामाद की मौत पर रो रहे हो? ये नहीं कि दुख नहीं है, लेकिन इसे बड़ा बनाने की कोशिश मत करो।

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