WB TET 2023 परिणाम जारी: 6,754 उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया, पास दर 2.47%

वेस्ट बंगाल बोर्ड ऑफ प्राइमरी एजुकेशन (WBBPE) ने 24 सितंबर, 2025 को WB TET 2023 के परिणाम आधिकारिक रूप से जारी किए। लगभग 21 महीने बाद, साक्षी उम्मीदवारों ने अब अपना सर्टिफिकेट प्राप्त करने का पहला कदम रख दिया।

परिणाम का विस्तृत विश्लेषण

कुल 3,09,054 के पंजीकरण के बाद 2,73,147 उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए। उनमें से 6,754 को पास मार्क्स मिलने के कारण कुल पास प्रतिशत मात्र 2.47% रहा – यह दर्शाता है कि परीक्षा कितनी कठोर और प्रतिस्पर्धी थी। सबसे ऊँचा स्कोर 150 में से 125 अंक रहा, जबकि टॉप 10 रैंकर्स के अंक 114 से 125 के बीच रहे। कुल 64 उम्मीदवारों ने टॉप 10 में जगह बनाई।

जिन उम्मीदवारों ने सामान्य वर्ग में भाग लिया, उन्हें कुल अंक का 60% यानी 90 अंक चाहिए थे, जबकि SC, ST, OBC और PH वर्ग के उम्मीदवारों को 55% यानी 82.5 अंक ही पास के मानक में गिने गए। यह अलग-अलग कटऑफ ने कई उम्मीदवारों को सीमित स्तर पर पास कराया, जिससे कुल पास प्रतिशत पर असर पड़ा।

भर्तीकर्ता प्रक्रिया और आगे की राह

परिणाम देखने के बाद प्रत्येक उम्मीदवार को आधिकारिक वेबसाइट wbbpe.wb.gov.in पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करके अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करना होगा। बोर्ड ने मेरिट लिस्ट, उत्तर कुंजी और प्रत्येक उम्मीदवार की OMR शीट की फोटो 25 सितंबर दोपहर 2 बजे से उपलब्ध कराई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

क्वालिफाइड उम्मीदवारों को WB TET सर्टिफिकेट मिलेगा, जिसका वैधता अवधि जारी होने की तारीख से सात साल होगी। यह सर्टिफिकेट उन्हें वेस्ट बंगाल के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक पदों के लिए आवेदन करने की पात्रता देगा। अब बोर्ड जल्द ही 13,421 प्राइमरी शिक्षक पदों के लिए आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी में है, जिससे पर्याप्त रोजगार अवसर खुलेंगे।

उम्मीदवारों के बीच अक्सर सवाल उठता है – क्या OMR शीट की जांच से कोई अंक परिवर्तन संभव है? वर्तमान में बोर्ड ने इस प्रश्न का उत्तर नहीं दिया है, परंतु यदि कोई प्रतिक्रिया मिलती है तो वह वेबसाइट पर अपडेट की जाएगी। इस बीच, योग्यता वाले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने सर्टिफिकेट की वैधता अवधि पर नज़र रखें और समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

यह परीक्षा 24 दिसंबर 2023 को दोपहर 12 बजे से 2:30 बजे तक 1.5 घंटे की अवधि में आयोजित हुई थी। 3 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्शाता है कि पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षक बनना कितना लोकप्रिय करियर विकल्प है। अब इस बड़े सपने को साकार करने के लिए योग्य उम्मीदवारों को अगले चरण की प्रतीक्षा करनी होगी।

11 टिप्पणि

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    Palak Agarwal

    सितंबर 26, 2025 AT 06:13

    बहुत कम लोग पास हुए हैं, लेकिन जो हुए वो असली मेहनत कर रहे हैं। इन्हें सलाम है।

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    Prabhat Tiwari

    सितंबर 26, 2025 AT 17:23

    2.47% पास? ये बोर्ड तो जानबूझकर फेल कर रहा है! ये सब राजनीति है, जिससे नए टीचर्स को बाहर रखा जा रहा है। अगर ये लोग बन गए तो सरकार को कितना वेतन देना पड़ेगा? ये लोग तो बस एक टेस्ट में फेल हो गए, लेकिन असली बात ये है कि ये परीक्षा कभी सच्ची नहीं हुई।

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    Paras Chauhan

    सितंबर 27, 2025 AT 13:28

    इस तरह की कठोर परीक्षा से बस यही साबित होता है कि शिक्षक बनने के लिए सिर्फ अंक नहीं, बल्कि दिल चाहिए। जिन्होंने पास किया, उनकी मेहनत को सम्मान देना चाहिए। 🙏

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    Jinit Parekh

    सितंबर 29, 2025 AT 03:11

    ये बोर्ड बिल्कुल भी बेकार है। हमारे देश में शिक्षा को इतना नज़रअंदाज़ किया जा रहा है कि ये पास रेट देखकर दिल टूट जाता है। क्या ये भारत है या कोई अफ्रीकी देश? हमारी शिक्षा प्रणाली तो बर्बाद हो रही है।

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    udit kumawat

    सितंबर 29, 2025 AT 05:45

    ये सब बकवास है। बस इतना ही। जो चाहे वो पास हो जाए, जो नहीं चाहे वो फेल हो जाए। अंक क्या हैं? अंक तो बस कागज़ पर लिखे हुए हैं।

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    Ankit Gupta7210

    सितंबर 30, 2025 AT 05:18

    हां भाई, 2.47% पास? ये तो बोर्ड ने जानबूझकर फेल किया है! ये लोग तो बस एक बार अपना नाम दर्ज कर देते हैं, फिर दूसरे दिन बैठ जाते हैं। ये सब बाहरी लोगों की षड्यंत्र है, जो हमारे देश के युवाओं को रोकना चाहते हैं।

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    Drasti Patel

    सितंबर 30, 2025 AT 21:39

    परीक्षा का उद्देश्य जांचना है, न कि छलनी लगाना। यदि इतने कम उम्मीदवार सफल हुए, तो इसका मतलब है कि शिक्षण के क्षेत्र में गुणवत्ता का अभाव है। यह एक विवेकपूर्ण निर्णय है, जिसे निर्दोष बनाया जाना चाहिए।

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    Shraddha Dalal

    अक्तूबर 1, 2025 AT 13:14

    इस तरह की कठोरता एक अच्छी बात है। शिक्षक बनने के लिए बस एक बार परीक्षा देना काफी नहीं है। ये उम्मीदवार जिन्होंने पास किया, उन्हें यह जानकर खुशी होगी कि उनकी मेहनत का सम्मान किया गया। यह परीक्षा वास्तविक शिक्षकों की पहचान करती है।

    मैंने अपने गाँव में एक शिक्षक को देखा है, जिसने 15 साल तक बिना वेतन के पढ़ाया। उनकी बुद्धि और दृढ़ता का कोई नाम नहीं। ये बोर्ड ने बस एक रूल बनाया है, जिसके तहत असली शिक्षक चुने जाएं।

    अगर आपको लगता है कि ये परीक्षा बहुत कठिन है, तो सोचिए कि एक बच्चे की भविष्य की शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। इसके लिए थोड़ी सी कठिनाई क्यों नहीं?

    हमें अपने बच्चों को ऐसे शिक्षक चाहिए, जो न सिर्फ जानकारी दें, बल्कि उन्हें जीवन का सही रास्ता दिखाएं। ये बोर्ड ने उन्हीं लोगों को चुना है, जो वास्तव में इसके लायक हैं।

    यह एक बहुत बड़ा कदम है। अगर आप इसे नकार रहे हैं, तो आप शायद खुद को इस परीक्षा में पास नहीं हो पाए होंगे।

    हमारे देश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ऐसे ही कठोर मानकों की आवश्यकता है।

    यह एक अच्छा निर्णय है।

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    Jasvir Singh

    अक्तूबर 3, 2025 AT 06:26

    मैं तो बस यही कहूंगा कि जो लोग यहां पास हुए, वो बहुत अच्छे हैं। बाकी लोगों को बस थोड़ा और मेहनत करनी होगी। जो नहीं हुए, वो फिर से तैयार हो जाएं। ये एक शुरुआत है, अंत नहीं।

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    Yash FC

    अक्तूबर 4, 2025 AT 00:40

    इस परीक्षा को देखकर मुझे लगता है कि शिक्षक बनना कोई नौकरी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। जिन्होंने पास किया, उनके लिए ये एक नया जीवन शुरू हो रहा है। बाकी लोगों को ये नहीं भूलना चाहिए कि एक अच्छा शिक्षक बच्चों के जीवन को बदल सकता है।

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    mahak bansal

    अक्तूबर 4, 2025 AT 08:16

    ये परीक्षा तो बहुत अच्छी है। बस इतना ही। जिन्होंने पास किया, उनके लिए बधाई। बाकी लोग फिर से कोशिश करें। जीवन में कुछ भी आसान नहीं होता।

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