अडानी समूह की अंबुजा सीमेंट्स ने ₹10,422 करोड़ में पेनना सीमेंट्स का किया अधिग्रहण, शेयरों में भारी उछाल

अडानी समूह की अंबुजा सीमेंट्स और पेनना सीमेंट्स का सौदा

अडानी समूह की सीमेंट इकाई, अंबुजा सीमेंट्स, ने ₹10,422 करोड़ में पेनना सीमेंट इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण करने की घोषणा की है। इस सौदे का लक्ष्य अंबुजा सीमेंट्स का दक्षिण भारत में क्षेत्रीय विस्तार करना है, जहां पेनना सीमेंट्स की मजबूत उपस्थिति है। इस अधिग्रहण के बाद अंबुजा सीमेंट्स की बाजार हिस्सेदारी में उच्च वृद्धि की संभावना है।

अंबुजा सीमेंट्स के प्रमुख अधिकारियों ने कहा है कि इस सौदे के माध्यम से कंपनी अपने क्षेत्रीय विस्तार को और अधिक मजबूत करेगी और इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

शेयर बाजार में भारी उछाल

शेयर बाजार में भारी उछाल

इस अधिग्रहण की घोषणा के बाद अंबुजा सीमेंट्स के शेयरों में भारी उछाल देखा गया। बीएसई में अंबुजा के शेयर 2.30% की वृद्धि के साथ ₹679.55 पर पहुँच गए, वहीं एनएसई में 2.58% की बढ़त के साथ ₹679 पर कारोबार होते पाए गए।

10:40 बजे तक बीएसई में शेयर का मूल्य ₹677.50 था जबकि एनएसई पर यह ₹677.20 पर कारोबार कर रहा था। इस महत्वाकांक्षी सौदे के बाद निवेशकों में अंबुजा सीमेंट्स के प्रति विश्वास और अधिक बढ़ गया है।

ब्रोकरेज फर्मों की प्रतिक्रियाएँ

ब्रोकरेज फर्मों की प्रतिक्रियाएँ

ब्रोकरेज फर्मों ने इस सौदे पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं। मैक्वेरी ने अपनी 'न्यूट्रल' स्थिति को बनाए रखते हुए अंबुजा सीमेंट्स का लक्ष्य मूल्य ₹608 निर्धारित किया है। दूसरी ओर, सिटी ने भी 'न्यूट्रल' दृष्टिकोण अपनाते हुए इसको ₹675 का लक्ष्य मूल्य दिया है।

ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इस सौदे के पश्चात अंबुजा सीमेंट्स की स्थिति मजबूत होगी, लेकिन उन्हें इस विस्तार की लागत और संभावित लाभ पर ध्यान देना जरूरी होगा।

ग्रीन एनर्जी में निवेश के साथ भविष्य की योजनाएँ

ग्रीन एनर्जी में निवेश के साथ भविष्य की योजनाएँ

अंबुजा सीमेंट्स ने अपने ग्रीन एनर्जी हिस्सेदारी को 2028 तक 60% तक बढ़ाने की योजना बनाते हुए ₹100 बिलियन का निवेश करने का निर्णय लिया है। कंपनी का मानना है कि ग्रीन एनर्जी में निवेश से न केवल पर्यावरण पर बेहतर प्रभाव पड़ेगा, बल्कि ऊर्जा खपत लागत में भी कमी आएगी।

कंपनी ने आगामी पाँच वर्षों में 150-160mtpa की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। 2024-28ई के बीच मांग सीएजीआर (कम्पाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) का 8-9% होने की उम्मीद है, जो समान अवधि में आपूर्ति सीएजीआर के 6-7% को पीछे छोड़ देगा।

क्षमता विस्तार परियोजनाएँ

अंबुजा सीमेंट्स ने विभिन्न क्षेत्रों में 20mtpa की क्षमता विस्तार परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनका लक्ष्य 2026 के अंत तक 100mtpa की उत्पादन क्षमता प्राप्त करना है।

यह अधिग्रहण और विस्तार योजनाएँ अंबुजा सीमेंट्स के भविष्य को और भी उज्जवल बना सकते हैं और कंपनी को भारत के सीमेंट उद्योग में एक मजबूत स्थिति में ला सकते हैं।

20 टिप्पणि

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    Roshini Kumar

    जून 16, 2024 AT 10:06
    अंबुजा ने पेनना खरीद लिया... अब तो सीमेंट की कीमतें भी अडानी स्टॉक की तरह उछलने लगेंगी। बस अब घर बनाने वालों को दोगुना भुगतान करना पड़ेगा। 😒
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    Siddhesh Salgaonkar

    जून 16, 2024 AT 15:16
    Brooo... ये तो बस एक और बड़ा बॉस बन गया 😎 ग्रीन एनर्जी का नाम लेकर भी जमीन पर चलने वाला कोई नहीं। 60% रिन्यूएबल? बस इन्वेस्टर्स को भागा रहे हैं 🤡
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    Arjun Singh

    जून 17, 2024 AT 11:54
    कैपिटल एक्सपेंडिचर का रेश्यो देखो तो ये सौदा बिल्कुल नहीं है। लेवरेज बढ़ा दिया, डीब्बी बढ़ गई, अब बाजार को दिखाना होगा कि ये एक्विजिशन रिटर्न देगा या नहीं। नहीं तो निवेशक भाग जाएंगे।
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    yash killer

    जून 19, 2024 AT 02:53
    इन बदमाशों ने फिर से देश का नियंत्रण ले लिया। पेनना के लोगों को निकाल दिया और अब अडानी का नाम हर सीमेंट बैग पर लिखा होगा। ये तो देश का लूट है
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    Ankit khare

    जून 19, 2024 AT 04:45
    ग्रीन एनर्जी का नाम लेकर बिजली का बिल बढ़ा रहे हैं और फिर शेयर प्राइस बढ़ा रहे हैं। ये तो बस एक बड़ा सा ब्लफ है। अगर असली ग्रीन होता तो कोई लोगो नहीं बदलता था। बस बाजार वालों को भागा रहे हैं
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    Shakti Fast

    जून 19, 2024 AT 11:56
    अगर ये सौदा असल में लोगों के लिए अच्छा है तो बहुत बढ़िया। उम्मीद है नए काम बनेंगे और बेहतर सीमेंट मिलेगा। धीरे-धीरे सब कुछ ठीक हो जाएगा 💪
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    saurabh vishwakarma

    जून 20, 2024 AT 02:41
    मैं तो बस यही कहना चाहता हूँ कि ये सब एक नए युग की शुरुआत है। जब एक कंपनी इतनी बड़ी हो जाती है कि उसके फैसले बाजार को हिला दें... तो ये तो इतिहास बन रहा है।
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    MANJUNATH JOGI

    जून 21, 2024 AT 09:14
    इस अधिग्रहण का असली फायदा दक्षिण भारत के छोटे निर्माण उद्यमियों को होगा। अब उन्हें बेहतर कीमतों पर सीमेंट मिलेगा। और ग्रीन एनर्जी का निवेश भारत के लिए एक बड़ी जीत है।
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    Sharad Karande

    जून 22, 2024 AT 14:27
    एक्विजिशन के बाद ओपरेशनल सिनर्जी और एक्सपेंडिचर सिनर्जी को मॉनिटर करना जरूरी है। अगर इन्टीग्रेशन का टाइमलाइन बन जाए तो ये सौदा लंबे समय तक रिटर्न देगा। वरना ये बस एक लार्ज एक्सपेंडिचर है।
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    Sagar Jadav

    जून 23, 2024 AT 18:15
    ये सब बकवास है। लोगों को नहीं पता कि ये लोग कितना लूट रहे हैं।
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    Dr. Dhanada Kulkarni

    जून 24, 2024 AT 18:48
    इस तरह के बड़े अधिग्रहणों से देश के निर्माण क्षेत्र को लंबे समय तक फायदा होगा। बेहतर गुणवत्ता, बेहतर उपलब्धता, और अब ग्रीन एनर्जी के साथ भविष्य की ओर एक अच्छी दिशा। बधाई हो।
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    Rishabh Sood

    जून 26, 2024 AT 04:06
    क्या ये सब एक विशाल अर्थव्यवस्था का निर्माण है या बस एक अलग तरह का राजनीतिक नियंत्रण? हम एक ऐसे युग में रह रहे हैं जहां कंपनियां राष्ट्र बन रही हैं।
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    Saurabh Singh

    जून 27, 2024 AT 00:43
    तुम सब इतने खुश क्यों हो? ये लोग तो बस अपनी गुप्त योजनाओं के लिए बाजार को धोखा दे रहे हैं। ये सब एक बड़ा फ्रॉड है। तुम लोग अभी भी उन पर भरोसा कर रहे हो?
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    Mali Currington

    जून 28, 2024 AT 12:00
    अंबुजा के शेयर बढ़े... अच्छा। अब मैं अपना घर बनाने के लिए और ज्यादा पैसे दूंगी। बहुत बढ़िया। 😏
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    INDRA MUMBA

    जून 29, 2024 AT 14:29
    इस अधिग्रहण से दक्षिण भारत के छोटे निर्माताओं को फायदा होगा। अब उन्हें अधिक विकल्प मिलेंगे और बेहतर कीमतें। ग्रीन एनर्जी का निवेश भी बहुत बड़ी बात है। ये तो भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है।
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    Anand Bhardwaj

    जून 30, 2024 AT 12:13
    सब ठीक है लेकिन अगर ये सीमेंट की कीमतें बढ़ गईं तो क्या होगा? बस शेयर बढ़ गए तो बस बाजार का एक नाच है। असली दर्द तो आम आदमी को भुगतना पड़ेगा।
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    RAJIV PATHAK

    जून 30, 2024 AT 18:23
    अडानी ने फिर से बाजार को नियंत्रित कर लिया। ये तो एक नया अधिकार का युग है। और हम सब इसके नाटक में नायक बन गए हैं।
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    Nalini Singh

    जुलाई 1, 2024 AT 03:22
    इस अधिग्रहण के माध्यम से अंबुजा सीमेंट्स के व्यापारिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है। इसके अलावा, ग्रीन एनर्जी के प्रति दृढ़ निष्ठा को दर्शाने वाला एक प्रतिनिधि उदाहरण है।
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    Sonia Renthlei

    जुलाई 1, 2024 AT 10:09
    मैं तो बस यही सोच रही हूँ कि जब ये बड़ी कंपनियां इतनी बड़े सौदे करती हैं तो छोटे उद्यमी कहाँ रह जाते हैं? क्या उनके लिए कोई जगह बचती है? मुझे लगता है कि हमें इसके बारे में ज्यादा सोचना चाहिए। ये सब बहुत बड़ा है, और मुझे लगता है कि हम इसके असर को नजरअंदाज नहीं कर सकते।
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    Aryan Sharma

    जुलाई 2, 2024 AT 23:06
    ये सब अडानी और सरकार के बीच गुप्त समझौते का हिस्सा है। ये सीमेंट का सौदा नहीं... ये तो देश की नींव बदलने की योजना है। तुम लोग अभी भी इसे बाजार का नॉर्मल सौदा समझ रहे हो?

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